परिचय

श्री संजय सरावगी

प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा बिहार। विधायक, दरभंगा


प्रारंभिक जीवन

संजय सरावगी का जन्म 28 अगस्त 1969 को बिहार के दरभंगा शहर के गांधी चौक क्षेत्र में हुआ। पारिवारिक संस्कारों में ईमानदारी, सादगी, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व को विशेष महत्व दिया गया, जिसका प्रभाव उनके सार्वजनिक जीवन में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर से ग्रहण की तथा उच्च शिक्षा में एम.कॉम. एवं एमबीए की पढ़ाई पूरी की। शिक्षा के दौरान ही उनका झुकाव केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने की भावना निरंतर प्रबल होती गई। इसी विचारधारा ने उन्हें संगठनात्मक कार्य और जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ाया।


एक छात्र नेता के रूप में संजय सरावगी ने अपनी राजनीतिक यात्रा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से प्रारंभ की और इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी राजनीतिक यात्रा सत्ता प्राप्ति के लक्ष्य से नहीं, बल्कि विचारधारा के विस्तार, संगठन की मजबूती और सुशासन की स्थापना के संकल्प के साथ आगे बढ़ी है। एक कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए उन्होंने संगठन की वास्तविक शक्ति को समझा और उसे सुदृढ़ करने का निरंतर प्रयास किया।

राजनीतिक यात्रा

संजय सरावगी ने अपनी राजनीतिक यात्रा एक छात्र नेता के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से प्रारंभ की। उनका सार्वजनिक जीवन में प्रवेश सत्ता की प्राप्ति के उद्देश्य से नहीं, बल्कि विचारधारा के विस्तार, संगठनात्मक आधार को सुदृढ़ करने और सुशासन की स्थापना के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ। एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए उन्होंने संगठन की वास्तविक शक्ति को गहराई से समझा और उसे सशक्त एवं सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किया।

1999

जिला मंत्री, दरभंगा
भारतीय जनता युवा मोर्चा

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

2002

पार्षद, वार्ड संख्या 6
दरभंगा नगर निगम

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

फरवरी 2005
नवंबर 2005
नवंबर 2010
नवंबर 2015
नवंबर 2020
नवंबर 2025

संजय सरावगी ने निम्नलिखित वर्षों में दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से लगातार चुनाव जीतकर जनविश्वास प्राप्त किया।

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

2001

मंडल अध्यक्ष, दरभंगा नगर
भाजपा

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

2003

महामंत्री, दरभंगा जिला
भारतीय जनता पार्टी



1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

मेरा विजन और विचारधारा

राष्ट्र प्रथम, सर्वोच्च मार्गदर्शक सिद्धांत

संजय सरावगी का दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्र से ऊपर कुछ भी नहीं है। ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना भारतीय जनता पार्टी की स्थापना काल से ही उसकी मूल प्रेरणा रही है, और वे इस सिद्धांत को पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। ‘पार्टी से पहले राष्ट्र’ का मार्गदर्शक मंत्र उन्हें अपने सभी प्रयास राष्ट्र के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए समर्पित करने की प्रेरणा देता है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के दर्शन, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के अटूट राष्ट्रवाद और अटल बिहारी वाजपेयी जी के विकासोन्मुख सुशासन के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए, वे राष्ट्र निर्माण के संकल्प को स्पष्टता, दृढ़ता और समर्पण के साथ निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।

संजय सरावगी जी के राजनीतिक जीवन का मुख्य आधार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का यशस्वी नेतृत्व और उनका 'विकसित भारत' का संकल्प है। उनका यह दृढ़ विश्वास है कि बिहार की प्रगति ही एक समर्थ राष्ट्र की नींव है।  

वे 'अंत्योदय' के दर्शन से प्रेरित हैं, जिसका एकमात्र ध्येय विकास की किरण को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। 

मूल विचारधारा

भारतीय जनता पार्टी केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सतत वैचारिक यात्रा है।
“चरैवेति–चरैवेति” (निरंतर आगे बढ़ते रहो) यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है।
हम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत, विकसित बिहार’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।

● हमारे कार्यकर्ता संगठन की वास्तविक शक्ति और आधार स्तंभ हैं।
● बिहार की इस पावन धरती के प्रति हम सदैव ऋणी हैं, और समाज सेवा तथा राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण के माध्यम से इस ऋण को चुकाने का निरंतर प्रयास करते हैं।

मुख्य उपलब्धियाँ और योगदान

जनविश्वास की अनूठी विरासत

दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार विधायक (2005–2025) निर्वाचित होकर जनसेवा की एक अटूट मिसाल पेश की है।

प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री (फरवरी 2025) के रूप में भूमि सुधार प्रक्रियाओं को प्रभावी बनाने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष ज़ोर दिया।

सांगठनिक नेतृत्व

भाजपा बिहार के प्रदेश अध्यक्ष (दिसंबर 2025) के रूप में कार्यकर्ताओं के सशक्तीकरण और सांगठनिक अनुशासन को मज़बूत करने की ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं।

कनेक्टिविटी के नए आयाम

बिहार के किसानों को वैश्विक बाज़ारों से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय जलमार्ग और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के विकास में अग्रणी भूमिका।

आर्थिक गौरव के प्रतीक

बिहार को देश की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और 14.9% की ऐतिहासिक विकास दर हासिल करने की दिशा में सक्रिय योगदान।

मिथिलांचल का वैश्विक मान

मिथिला के गौरव 'मखाना' और स्थानीय हस्तशिल्प की वैश्विक ब्रांडिंग के माध्यम से उत्तर बिहार के शिल्पकारों की आय बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास।

नेतृत्व और जनसेवा की झलकियाँ

जनविश्वास के अक्षुण्ण स्तंभ

दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार निर्वाचित होना उनके प्रति जनता के उस अटूट भरोसे का प्रतीक है, जो दशकों की निष्काम सेवा से अर्जित किया गया है.


सांगठनिक अनुशासन के शिल्पी

विद्यार्थी परिषद के दिनों से लेकर आज प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका तक, उन्होंने सदैव व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर संगठन और विचारधारा के अनुशासन को प्राथमिकता दी है.

अंत्योदय का ध्येय

उनका सार्वजनिक जीवन 'अंत्योदय' के दर्शन से अनुप्राणित है, जहाँ शासन की नीतियों का अंतिम लक्ष्य कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति का उत्थान सुनिश्चित करना है.

प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता

एमबीए (MBA) की उच्च शिक्षा को जनसेवा का आधार बनाकर उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में नए मानक स्थापित किए हैं.


सुलभ और लोक-केंद्रित नेतृत्व

वे 'हर पल उपलब्ध' रहने वाली कार्यशैली में विश्वास रखते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि लोकतंत्र तभी जीवंत होता है जब नेतृत्व और जनता के बीच कोई दूरी न हो.


परिचय

श्री संजय सरावगी

राज्य अध्यक्ष, भाजपा बिहार |

6-बार के विधायक, दरभंगा

ि

राजनीतिक यात्रा

राजनीतिक यात्रा

1999

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा दी के लिए 

भारतीय जनता युवा मोर्चा।   

जिला मंत्री, दरभंगा
भारतीय जनता युवा मोर्चा

जिला मंत्री,दरभंगा।
भारतीय जनता युवा मोर्चा
  

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

2003

2003

दरभंगा जिला भाजपा के महासचिव के रूप में नियुक्त, उनके संगठनात्मक

कौशल को प्रदर्शित करते हुए।

पार्षद, वार्ड संख्या 6
दरभंगा नगर निगम

पार्षद, वार्ड संख्या 6
दरभंगा नगर निगम

2002

Elected Councillor, Ward No. 6, Darbhanga Municipal Corporation

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

2020 - 2025

•फरवरी 2005
• नवंबर 2005
• नवंबर 2010
• नवंबर 2015
• नवंबर 2020
• नवंबर 2025

•फरवरी 2005
• नवंबर 2005
• नवंबर 2010
• नवंबर 2015
• नवंबर 2020
• नवंबर 2025

राजस्व और भूमि मंत्री के रूप में सेवा की

सुधार, बिहार.

संजय सरावगी ने निम्नलिखित वर्षों में दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से लगातार चुनाव जीतकर जनविश्वास प्राप्त किया।

संजय सरावगी ने निम्नलिखित वर्षों में दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से लगातार चुनाव जीतकर जनविश्वास प्राप्त किया।



1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

2000

2000

दरभंगा नगर के अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व स्वीकार किया।

मंडल भाजपा अध्यक्ष।

मंडल अध्यक्ष, दरभंगा नगर
भाजपा

मंडल अध्यक्ष,
दरभंगा नगर
भाजपा

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

2005

2005

वर्तमान: छह लगातार विधानसभा चुनावों में लोगों का जनादेश हासिल किया; दरभंगा के लोगों की सेवा कर रहे हैं (फरवरी 2005, नवंबर 2005, नवंबर 2010, नवंबर 2015, नवंबर 2020, और नवंबर 2025)।

महामंत्री, दरभंगा जिला
भारतीय जनता पार्टी



भारतीय जनता पार्टी,
दरभंगा जिला के महामंत्री.       

1999

जिला सचिव (दरभंगा) के रूप में सेवा की भारतीय 

जनता युवा मोर्चा।   

संजय सरावगी ने अपनी राजनीतिक यात्रा एक छात्र नेता के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से प्रारंभ की। उनका सार्वजनिक जीवन में प्रवेश सत्ता की प्राप्ति के उद्देश्य से नहीं, बल्कि विचारधारा के विस्तार, संगठनात्मक आधार को सुदृढ़ करने और सुशासन की स्थापना के दृढ़ संकल्प के साथ हुआ। एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए उन्होंने संगठन की वास्तविक शक्ति को गहराई से समझा और उसे सशक्त एवं सुदृढ़ करने के लिए निरंतर प्रयास किया।

मेरा विजन और विचारधारा

मेरा विजन और विचारधारा

मेरा विजन और विचारधारा

राष्ट्र प्रथम, सर्वोच्च मार्गदर्शक सिद्धांत

संजय सरावगी का दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्र से ऊपर कुछ भी नहीं है। ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना भारतीय जनता पार्टी की स्थापना काल से ही उसकी मूल प्रेरणा रही है, और वे इस सिद्धांत को पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। ‘पार्टी से पहले राष्ट्र’ का मार्गदर्शक मंत्र उन्हें अपने सभी प्रयास राष्ट्र के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए समर्पित करने की प्रेरणा देता है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के दर्शन, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के अटूट राष्ट्रवाद और अटल बिहारी वाजपेयी जी के विकासोन्मुख सुशासन के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए, वे राष्ट्र निर्माण के संकल्प को स्पष्टता, दृढ़ता और समर्पण के साथ निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।

संजय सरावगी जी के राजनीतिक जीवन का मुख्य आधार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का यशस्वी नेतृत्व और उनका 'विकसित भारत' का संकल्प है। उनका यह दृढ़ विश्वास है कि बिहार की प्रगति ही एक समर्थ राष्ट्र की नींव है।  

वे 'अंत्योदय' के दर्शन से प्रेरित हैं, जिसका एकमात्र ध्येय विकास की किरण को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। 

मूल विचारधारा

भारतीय जनता पार्टी केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सतत वैचारिक यात्रा है।
“चरैवेति–चरैवेति” (निरंतर आगे बढ़ते रहो) यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है।
हम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत, विकसित बिहार’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।

● हमारे कार्यकर्ता संगठन की वास्तविक शक्ति और आधार स्तंभ हैं।
● बिहार की इस पावन धरती के प्रति हम सदैव ऋणी हैं, और समाज सेवा तथा राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण के माध्यम से इस ऋण को चुकाने का निरंतर प्रयास करते हैं।

राष्ट्र प्रथम, सर्वोच्च मार्गदर्शक सिद्धांत

संजय सरावगी का दृढ़ विश्वास है कि राष्ट्र से ऊपर कुछ भी नहीं है। ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना भारतीय जनता पार्टी की स्थापना काल से ही उसकी मूल प्रेरणा रही है, और वे इस सिद्धांत को पूर्ण निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। ‘पार्टी से पहले राष्ट्र’ का मार्गदर्शक मंत्र उन्हें अपने सभी प्रयास राष्ट्र के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए समर्पित करने की प्रेरणा देता है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद के दर्शन, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के अटूट राष्ट्रवाद और अटल बिहारी वाजपेयी जी के विकासोन्मुख सुशासन के दृष्टिकोण से प्रेरणा लेते हुए, वे राष्ट्र निर्माण के संकल्प को स्पष्टता, दृढ़ता और समर्पण के साथ निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।

संजय सरावगी जी के राजनीतिक जीवन का मुख्य आधार माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का यशस्वी नेतृत्व और उनका 'विकसित भारत' का संकल्प है। उनका यह दृढ़ विश्वास है कि बिहार की प्रगति ही एक समर्थ राष्ट्र की नींव है।  

वे 'अंत्योदय' के दर्शन से प्रेरित हैं, जिसका एकमात्र ध्येय विकास की किरण को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। 

मूल विचारधारा

भारतीय जनता पार्टी केवल सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सतत वैचारिक यात्रा है।
“चरैवेति–चरैवेति” (निरंतर आगे बढ़ते रहो) यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत है।
हम माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत, विकसित बिहार’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध हैं।

● हमारे कार्यकर्ता संगठन की वास्तविक शक्ति और आधार स्तंभ हैं।
● बिहार की इस पावन धरती के प्रति हम सदैव ऋणी हैं, और समाज सेवा तथा राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण के माध्यम से इस ऋण को चुकाने का निरंतर प्रयास करते हैं।

मुख्य उपलब्धियाँ और योगदान

जनविश्वास की अनूठी विरासत

दर्भंगा निर्वाचन क्षेत्र से छह लगातार कार्यकाल (2005–2025) के लिए विधायक (MLA) के रूप में निर्वाचित होकर एक अभूतपूर्व सार्वजनिक जनादेश अर्जित किया।

प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण

राजस्व और भूमि सुधार मंत्री (फरवरी 2025) के रूप में विशेष रूप से सेवा की, जहाँ उन्होंने भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और सामान्य नागरिक के लिए प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाने का मिशन शुरू किया।

संगठनात्मक नेतृत्व

बीजेपी बिहार के राज्य अध्यक्ष (दिसंबर 2025) की प्रतिष्ठित जिम्मेदारी सौंपी गई, जो基层 कार्यकर्ताओं के सशक्तिकरण और पार्टी की संगठनात्मक अनुशासन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

कनेक्टिविटी के नए आयाम

बिहार के किसानों को वैश्विक बाज़ारों से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय जलमार्ग और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के विकास में अग्रणी भूमिका।

आर्थिक गौरव के प्रतीक

बिहार को देश की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और 14.9% की ऐतिहासिक विकास दर हासिल करने की दिशा में सक्रिय योगदान।

मिथिलांचल का वैश्विक मान

मिथिला के गौरव 'मखाना' और स्थानीय हस्तशिल्प की वैश्विक ब्रांडिंग के माध्यम से उत्तर बिहार के शिल्पकारों की आय बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास।

मुख्य उपलब्धियाँ और योगदान

जनविश्वास की अनूठी विरासत

दर्भंगा निर्वाचन क्षेत्र से छह लगातार कार्यकाल (2005–2025) के लिए विधायक (MLA) के रूप में निर्वाचित होकर एक अभूतपूर्व सार्वजनिक जनादेश अर्जित किया।

प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण

राजस्व और भूमि सुधार मंत्री (फरवरी 2025) के रूप में विशेष रूप से सेवा की, जहाँ उन्होंने भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण और सामान्य नागरिक के लिए प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाने का मिशन शुरू किया।

सांगठनिक नेतृत्व

भाजपा बिहार के प्रदेश अध्यक्ष (दिसंबर 2025) के रूप में कार्यकर्ताओं के सशक्तीकरण और सांगठनिक अनुशासन को मज़बूत करने की ज़िम्मेदारी निभा रहे हैं।

कनेक्टिविटी के नए आयाम

बिहार के किसानों को वैश्विक बाज़ारों से जोड़ने के लिए राष्ट्रीय जलमार्ग और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के विकास में अग्रणी भूमिका।

आर्थिक गौरव के प्रतीक

बिहार को देश की सबसे तेज़ी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने और 14.9% की ऐतिहासिक विकास दर हासिल करने की दिशा में सक्रिय योगदान।

मिथिलांचल का वैश्विक मान

मिथिला के गौरव 'मखाना' और स्थानीय हस्तशिल्प की वैश्विक ब्रांडिंग के माध्यम से उत्तर बिहार के शिल्पकारों की आय बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास।

 नेतृत्व और जनसेवा की झलकियाँ  

जनविश्वास के अक्षुण्ण स्तंभ

दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार निर्वाचित होना उनके प्रति जनता के उस अटूट भरोसे का प्रतीक है, जो दशकों की निष्काम सेवा से अर्जित किया गया है.

सांगठनिक अनुशासन के शिल्पी

विद्यार्थी परिषद के दिनों से लेकर आज प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका तक, उन्होंने सदैव व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर संगठन और विचारधारा के अनुशासन को प्राथमिकता दी है.

अंत्योदय का ध्येय

उनका सार्वजनिक जीवन 'अंत्योदय' के दर्शन से अनुप्राणित है, जहाँ शासन की नीतियों का अंतिम लक्ष्य कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति का उत्थान सुनिश्चित करना है.

प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता

एमबीए (MBA) की उच्च शिक्षा को जनसेवा का आधार बनाकर उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में नए मानक स्थापित किए हैं.

सुलभ और लोक-केंद्रित नेतृत्व

वे 'हर पल उपलब्ध' रहने वाली कार्यशैली में विश्वास रखते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि लोकतंत्र तभी जीवंत होता है जब नेतृत्व और जनता के बीच कोई दूरी न हो.

नेतृत्व और जनसेवा
की झलकियाँ  

जनविश्वास के अक्षुण्ण स्तंभ

दरभंगा विधानसभा क्षेत्र से लगातार छह बार निर्वाचित होना उनके प्रति जनता के उस अटूट भरोसे का प्रतीक है, जो दशकों की निष्काम सेवा से अर्जित किया गया है.

सांगठनिक अनुशासन के शिल्पी

विद्यार्थी परिषद के दिनों से लेकर आज प्रदेश अध्यक्ष की भूमिका तक, उन्होंने सदैव व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर संगठन और विचारधारा के अनुशासन को प्राथमिकता दी है.

अंत्योदय का ध्येय

उनका सार्वजनिक जीवन 'अंत्योदय' के दर्शन से अनुप्राणित है, जहाँ शासन की नीतियों का अंतिम लक्ष्य कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति का उत्थान सुनिश्चित करना है.

प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता

एमबीए (MBA) की उच्च शिक्षा को जनसेवा का आधार बनाकर उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में नए मानक स्थापित किए हैं.

सुलभ और लोक-केंद्रित नेतृत्व

वे 'हर पल उपलब्ध' रहने वाली कार्यशैली में विश्वास रखते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि लोकतंत्र तभी जीवंत होता है जब नेतृत्व और जनता के बीच कोई दूरी न हो.

प्रारंभिक जीवन

संजय सरावगी का जन्म 28 अगस्त 1969 को बिहार के दरभंगा शहर के गांधी चौक क्षेत्र में हुआ। पारिवारिक संस्कारों में ईमानदारी, सादगी, शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व को विशेष महत्व दिया गया, जिसका प्रभाव उनके सार्वजनिक जीवन में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर से ग्रहण की तथा उच्च शिक्षा में एम.कॉम. एवं एमबीए की पढ़ाई पूरी की। शिक्षा के दौरान ही उनका झुकाव केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करने की भावना निरंतर प्रबल होती गई। इसी विचारधारा ने उन्हें संगठनात्मक कार्य और जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ाया।


एक छात्र नेता के रूप में संजय सरावगी ने अपनी राजनीतिक यात्रा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से प्रारंभ की और इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी राजनीतिक यात्रा सत्ता प्राप्ति के लक्ष्य से नहीं, बल्कि विचारधारा के विस्तार, संगठन की मजबूती और सुशासन की स्थापना के संकल्प के साथ आगे बढ़ी है। एक कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए उन्होंने संगठन की वास्तविक शक्ति को समझा और उसे सुदृढ़ करने का निरंतर प्रयास किया।